पीएम-किसान सम्मान निधि योजना
एक आय सहायता योजना जिसमें पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 सीधे उनके बैंक खाते में तीन बराबर किस्तों में भेजे जाते हैं।
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एक नज़र में
- लाभ
- हर साल ₹6,000
- किस्तें
- ₹2,000 की तीन किस्तें
- भुगतान का तरीका
- सीधे बैंक खाते में (DBT)
- मंत्रालय
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- आवेदन शुल्क
- कोई नहीं
योजना क्या देती है
- हर पात्र किसान परिवार को साल में ₹6,000।
- ₹2,000 की तीन बराबर किस्तें, लगभग हर चार महीने में।
- पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है, बीच में कोई नहीं।
- किसी भी चरण पर कोई शुल्क नहीं। पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह मुफ़्त है।
कौन पात्र है
- ऐसे भूमिधारक किसान परिवार जिनके नाम राज्य के भू-अभिलेख में कृषि योग्य ज़मीन दर्ज है।
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आधार अनिवार्य है, और किस्त जारी होने के लिए आधार आधारित e-KYC पूरा होना ज़रूरी है।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा (सीडेड) होना चाहिए ताकि DBT हो सके।
कौन पात्र नहीं है
अपात्रता की सूची पात्रता जितनी ही ज़रूरी है — आवेदन अस्वीकार होने का सबसे आम कारण यही है।
- केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों और स्वायत्त संस्थाओं के वर्तमान या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी — चतुर्थ श्रेणी और Group D कर्मचारियों को छोड़कर।
- जिन्होंने पिछले निर्धारण वर्ष में आयकर भरा हो।
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर जो पंजीकृत हैं और अपना पेशा कर रहे हैं।
- संवैधानिक पदों पर रहे या रह रहे व्यक्ति, मंत्री, सांसद, विधायक, नगर निगम के महापौर और ज़िला पंचायत अध्यक्ष।
- निर्धारित सीमा से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगी।
- संस्थागत भूमिधारक।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड — अनिवार्य, e-KYC के लिए भी यही इस्तेमाल होता है
- ज़मीन के कागज़ात जो कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व दिखाते हों
- IFSC सहित बैंक खाते का विवरण, खाता आधार से सीडेड हो
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, OTP आधारित e-KYC के लिए
आवेदन कैसे करें
- आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाएँ।
- Farmers Corner खोलें और New Farmer Registration चुनें।
- ग्रामीण या शहरी किसान चुनें, आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालें, अपना राज्य चुनें और कैप्चा भरें।
- व्यक्तिगत जानकारी, भू-अभिलेख के अनुसार ज़मीन का विवरण और पासबुक के अनुसार बैंक विवरण भरें।
- आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP से e-KYC पूरा करें।
- फ़ॉर्म जमा करें और स्क्रीन पर दिखा रेफ़रेंस नंबर सुरक्षित रख लें।
- चाहें तो नज़दीकी CSC या गाँव के पटवारी / राजस्व अधिकारी के ज़रिए भी आवेदन कर सकते हैं।
किस्त क्यों अटक जाती है
पंजीकृत किसान को किस्त न मिलने का सबसे आम कारण अस्वीकृति नहीं, बल्कि रिकॉर्ड में गड़बड़ी है। यह योजना पूरी तरह आधार आधारित सत्यापन पर चलती है, और इस श्रृंखला की हर कड़ी सही होनी चाहिए।
- e-KYC पूरा न होना। यही सबसे बड़ा कारण है। इसे पोर्टल पर आधार OTP से या CSC पर बायोमेट्रिक से पूरा किया जा सकता है।
- बैंक खाते का नाम आधार के नाम से मेल न खाना — वर्तनी का छोटा अंतर या आद्याक्षर भी काफ़ी है।
- बैंक खाता DBT के लिए आधार से सीडेड न होना। बैंक के पास आधार नंबर होना और खाता सीडेड होना दो अलग बातें हैं।
- भू-अभिलेख का विवरण राज्य के रिकॉर्ड से मेल न खाना।
- खाता निष्क्रिय, बंद, या बैंक विलय में बदल जाना।
अपनी स्थिति कैसे जाँचें
- pmkisan.gov.in खोलें और Farmers Corner में जाएँ।
- Know Your Status या Beneficiary Status विकल्प चुनें।
- अपना पंजीकरण नंबर डालें, या जहाँ पोर्टल अनुमति दे वहाँ मोबाइल नंबर या आधार नंबर से खोजें।
- स्क्रीन पर पंजीकरण की स्थिति, e-KYC की स्थिति और अब तक जमा हुई किस्तें दिखेंगी।
- अगर कोई किस्त failed दिख रही है, तो कारण आमतौर पर आधार मिसमैच, बिना सीडेड बैंक खाता या अधूरा e-KYC होता है। इन्हें पोर्टल के update विकल्प से या CSC पर ठीक कराया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम-किसान में कितना पैसा और कब मिलता है?
हर पात्र किसान परिवार को साल में ₹6,000, ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में। किस्तें लगभग हर चार महीने में जारी होती हैं और सीधे बैंक खाते में जमा होती हैं।
मेरी किस्त क्यों नहीं आई?
सबसे आम कारण हैं — e-KYC पूरा न होना, बैंक खाता आधार से सीडेड न होना, या बैंक खाते का नाम आधार से मेल न खाना। pmkisan.gov.in के Farmers Corner में अपनी स्थिति देखें; पोर्टल आमतौर पर सटीक कारण बताता है और ज़्यादातर समस्याएँ ऑनलाइन या CSC पर ठीक हो जाती हैं।
क्या किराए पर खेती करने वाले किसान पात्र हैं?
यह योजना उन भूमिधारक किसान परिवारों के लिए है जिनके नाम राज्य के भू-अभिलेख में कृषि योग्य ज़मीन दर्ज है। जिन किसानों के नाम ज़मीन दर्ज नहीं है, वे आम तौर पर शामिल नहीं हैं। राज्यों में भू-अभिलेख की व्यवस्था अलग है, इसलिए अपने राजस्व कार्यालय से पुष्टि करें।
क्या पंजीकरण के लिए कोई फ़ीस है?
नहीं। आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण, e-KYC, सुधार और स्थिति जाँच सब मुफ़्त हैं। CSC सहायता के लिए सरकार द्वारा तय छोटा शुल्क ले सकता है, लेकिन योजना के लिए कोई फ़ीस नहीं है और कोई भी किस्त जारी कराने के पैसे नहीं ले सकता।
क्या आयकर भरने वाला व्यक्ति पीएम-किसान ले सकता है?
नहीं। पिछले निर्धारण वर्ष में आयकर भरने वाले स्पष्ट रूप से अपात्र हैं, साथ ही Group D से ऊपर के सरकारी कर्मचारी, तय सीमा से अधिक पेंशन पाने वाले, पंजीकृत पेशेवर, और संवैधानिक या निर्वाचित पदों पर रहे व्यक्ति भी।
आधिकारिक स्रोत
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- पीएम-किसान आधिकारिक पोर्टल — कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय · Last verified 9 August 2026
योजना दिशानिर्देश, पात्रता, अपात्रता, पंजीकरण और लाभार्थी स्थिति।
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय · Last verified 9 August 2026